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पक्ष Paksh in hindi

पक्ष Paksh hindi definition :- क्रिया के जिस रूप से क्रिया प्रक्रिया अर्थात क्रिया व्यापार का बोध होता है ,उसे क्रिया का पक्ष कहते हैं ! यह क्रिया- व्यापार दो दृष्टियों से देखा जा सकता है ! पहली दृष्टि से हम देखते हैं कि क्रिया की प्रक्रिया आरंभ होने वाली है अथवा आरंभ हो चुकी है, अथवा वर्तमान में चालू है या हो चुकी है ! दूसरी दृष्टि में क्रिया -प्रक्रिया को एक इकाई के रूप में देखते हैं ! दोनों दृष्टियों के प्रमुख पक्ष उदाहरण सहित इस प्रकार हैं -   Below are Hindi grammar paksh in two different vision with example : 1 . (क ) आरंभदयोतक पक्ष (Arambhdyotak Paksh) -इस पक्ष में क्रिया के आरंभ होने की स्थिति का बोध होता है , उदाहरण - अब मोहन खेलने लगा है ! (ख ) सातप्यबोधक पक्ष (Satpyabodhak Paksh) - इससे क्रिया की प्रक्रिया के चालू रहने का बोध होता है , उदाहरण - गीता कितना अच्छा गा रही है ! (ग ) प्रगतिदयोतक पक्ष (Pragtidayotak Paksh) - इससे क्रिया की निरंतर प्रगति का बोध होता है , उदाहरण - भीड़ बढ़ती जा रही है ! (घ ) पूर्णतादयोतक पक्ष (Purntadayotak Paks...

अन्विति Anviti in Hindi with example

अन्विति ( Anviti hindi definition) :- जब वाक्य के संज्ञा पद के लिंग, वचन, पुरुष, कारक के अनुसार किसी दूसरे पद में समान परिवर्तन हो जाता है तो उसे अन्विति (Anviti) कहते हैं। अन्विति का प्रयोग निम्नलिखित प्रकार से होता है:-  Use of Anvati is listed below : (क) कर्तरि प्रयोग (Kartri) :- जिस में क्रिया के पुरुष, लिंग और वचन कर्ता के अनुसार होते हैं, क्रिया के उस प्रयोग को कर्तरि प्रयोग कहते हैं। यह ज़रूरी है कि कर्ता विभक्ति रहित हो जैसे गीता पुस्तक पढेगी। (ख) कर्मणि प्रयोग (Karmni) :- जिस में क्रिया के लिंग और वचन कर्म के अनुसार हों उसे कर्मणि प्रयोग कहते हैं। कर्मणि प्रयोग में दो प्रकार की वाक्य रचनाएं मिलती हैं। कर्तृवाच्य की जिन भूतकालिक क्रियाओं के कर्ता के साथ 'ने' विभक्ति लगी होती है जैसे राम ने पत्र लिखा। दूसरे कर्मवाच्य में यहाँ कर्ता के साथ 'से' या 'के द्वारा' परसर्ग लगते हैं लेकिन कर्म के साथ 'को' परसर्ग नहीं लगता जैसे हमसे लड़के गिने गए। (ग) भावे प्रयोग (Bhave) : - इसमें क्रिया के पुरुष लिंग और वचन कर्ता या कर्म के अनुसार न...

आओ, उसको करें प्रणाम (Aao, Usko Karen Pranam) Hindi Poem

हिंदी कविता - आओ, उसको करें प्रणाम (Learn Hindi poem - Aao, Usko Karen Pranam) जिसने सूरज चाँद बनाकर , सबसे सुन्दर धरा बनाई ! रंग-बिरंगे फूल खिलाये, फिर उसमे खुशबू महकाई ! सुंदर सागर, सुंदर नदियाँ, पर्वत खूब विशाल बनाए! चीटीं, हाथी, हिरन,तितलियाँ तरह तरह के जीव बनाए! आओ, उसके गुण गायें हम, आओ, उसको करे प्रणाम, वही रचियता इस दुनिया का ईश्वर, अल्ल्लाह उसका नाम! लेखक-प्रकाश मनु

हिंदी वाक्य Vakya (Hindi Types and Definition of Sentences)

हिंदी वाक्य की परिभाषा (Vakya - Sentences definition in Hindi) वक्ता के कथन को पूर्णत: व्यक्त करने वाले सार्थक शब्द समूह को वाक्य कहते हैं। वाक्य में पूर्णता तभी आती है जब पद सुनिश्चित क्रम में हों और इन पदों में पारस्परिक अन्वय (समन्वय ) विद्यमान हो। वाक्य की शुद्धता भी पदक्रम एवं अन्वय से सम्बंधित है। वाक्य के भेद :- Vakya ke bhed / prakar in hindi. There are different types of Sentences. There are two types of Vakya [Rachna ki drashti se ] and [Arth ki drashti se]. Different Types of Vakya definition, meaning & example are described below : 1. रचना की दृष्टि से :- रचना की दृष्टि से वाक्य तीन प्रकार के होते हैं: (अ) सरल वाक्य (ब) संयुक्त वाक्य (स) मिश्रित वाक्य (अ) सरल वाक्य :- जिन वाक्यों में एक मुख्य क्रिया हो, उन्हें सरल वाक्य कहते हैं। जैसे पानी बरस रहा है। (ब) संयुक्त वाक्य :- जिन वाक्यों में साधारण या मिश्र वाक्यों का मेल संयोजक अव्ययों द्वारा होते है उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं, जैसे राम घर गया और खाना खाकर सो गया। (स) मिश्रित वाक्य :- इनमें एक प्र...

विराम चिन्ह Viraam Chinha (Punctuation) - Viram Chinh ke Bhed & Paribhasha

विराम चिन्ह (Viraam Chinha ki Paribhasha / Definition) What is Viram Chinah? : भाषा में स्थान विशेष पर रुकने अथवा उतार चढ़ाव आदि दिखाने के लिए जिन चिन्हों का प्रयोग किया जाता है उन्हें विराम चिन्ह कहते है ! विराम चिन्ह के भेद और उनका विवरण इस प्रकार है Viraam Chinha ke bhed / prakar in hindi. There are different types of Viram Chinh / Punctuation. Its symbol, meaning & example are described below : Viraam Chinha Name & Symbols : PurnaViram (।), UpViam (:), ArdhViram (;), AlpViram (,), PrashnBodhak (?), VishmayBodhak (!), Nirdeshk Chinh (_), Yojak Chinha (-), Koshthak Chinh(), Uddhran Chinh (""), Laaghav Chinh (O), Vivran Chinh (:-) 1. पूर्ण विराम : ( । ) प्रत्येक वाक्य की समाप्ति पर इस चिन्ह का प्रयोग किया जाता है ! 2. उपविराम : ( : ) उपविराम का प्रयोग संवाद लेखन एकांकी लेखन या नाटक लेखन में वक्ता के नाम के बाद किया जाता है ! 3. अर्ध विराम : ( ; ) इसमें उपविराम से भी कम ठहराव होता है ! यदि खंडवाक्य का आरंभ वरन, पर, परन्तु , किन्तु, क्योंकि इ...

लिंग LING (Gender) - Ling ke Bhed & Paribhasha

लिंग की परिभाषा (Ling ki Paribhasha / Definition) What is Ling? : संज्ञा के जिस रूप से किसी जाति (स्त्री जाति या पुरुष जाति) का बोध होता है, उसे लिंग कहते हैं ! इसके दो भेद होते हैं जिनका विवरण इस प्रकार है Ling ke bhed / prakar in hindi. There are two types of Ling / Gender : Pulling & Striling. Its meaning & example described below : पुल्लिंग (Pulling / Masculine Gender) जिस संज्ञा शब्दों से पुरुष जाति का बोध होता है , उसे पुल्लिंग कहते हैं उदाहरण - आदमी, सेठ आदि ! स्त्रीलिंग (Striling / Feminine Gender) जिन संज्ञा शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं उदाहरण - औरत, सेठानी आदि ! स्त्रीलिंग प्रत्यय (Striling Pratyay) पुल्लिंग शब्द को स्त्रीलिंग बनाने के लिए कुछ प्रत्ययों को शब्द में जोड़ा जाता है जिन्हें स्त्री प्रत्यय कहते हैं ! उदाहरण - ई = बड़ा - बड़ी , भला - भली इनी = योगी - योगिनी , कमल - कमलिनी इन = धोबी - धोबिन , तेली - तेलिन नी = मोर - मोरनी , चोर - चोरनी आनी = जेठ - जेठानी , देवर - देवरानी आइन = ठाकुर - ठ...

वचन VACHAN (Singular Plural) - Vachan ke Bhed & Paribhasha

वचन की परिभाषा (Vachan ki Paribhasha / Definition) What is Vachan? संज्ञा अथवा अन्य विकारी शब्दों के जिस रूप में संख्या का बोध हो, उसे वचन कहते हैं ! वचन के दो भेद होते हैं Vachan ke bhed / prakar in hindi. There are Two types of Vachan / Singular Plural : Ekvachan and Bahuvachan. Its meaning & example described below : 1- एकवचन (Ekvachan / Singular) संज्ञा के जिस रूप से एक ही वस्तु , पदार्थ या प्राणी का बोध होता है , उसे एकवचन कहते हैं ! उदाहरण - लड़की, बेटी, घोड़ा, नदी आदि ! 2- बहुवचन (Bahuvachan / Plural) संज्ञा के जिस रूप से एक से अधिक वस्तुओं , पदार्थों या प्राणियों का बोध होता है , उसे बहुवचन कहते हैं ! उदाहरण - लड़कियाँ , बेटियाँ , घोड़े , नदियाँ आदि ! एकवचन से बहुवचन बनाने के नियम इस प्रकार हैं Ekvachan se Bahuvachan banane ke niyam. Rules to convert Singular Plural in hindi. 1- अ को एं कर देने से = रात - रातें, बहन - बहनें 2- अनुस्वारी ( . ) लगाने से = डिबिया - डिबियां 3- यां जोड़ देने से = रीति - रीतियां 4- एं लगाने से = माला - मालाएं 5...