Skip to main content

चिकनगुनिया (Chikungunya) CHIKUNGUNYA in Hindi

चिकनगुनिया
(Chikungunya in Hindi)

Here is an Essay of Chikungunya (Chikungunya per Nibandh) written with some easy lines in Hindi and English meaning. Chikungunya kya hai, lakshan aur bachav.

चिकनगुनिया नामक बीमारी भी डेंगू (Dengue) की तरह मच्‍छर के काटने से फैलती है और आज कल यह बीमारी बहुत अधिक संख्‍या में फैल रही है।

What is Chikungunya - चिकनगुनिया क्‍या है

चिकनगुनिया बीमारी अधिकतर गर्म देशों में पाई जाती है शुरूआत में यह बीमारी एशिया और अफ्रीका के देशों में होती रही है लेकिन आज कल यह बीमारी और देशों में भी फैलने लगी है। यह बीमारी मादा एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने के कारण फैलती है। इस रोग को पहली बार मेरोन रोबिंसन तथा लुम्स्डेन ने वर्णित किया था। सबसे पहले चिकनगुनिया की शुरुआत 1952 में अफ्रीका में तंज़ानिया और मोजाम्बिक के आस पास हुई थी यह बीमारी भारत में 1960 के आस-पास फैली थी। इस बीमारी को पूरे शरीर में फैलने में 2 से 4 दिन का समय लगता है।

चिकनगुनिया एक ऐसी बीमारी है जो एक बार अगर किसी इंसान को हो जाती है तो उसके दोवारा होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।
अगर आपको अपने आस-पास चिकनगुनिया के मरीज के बारे में पता चलता है तो इसकी जानकारी तुरन्‍त स्‍वास्‍थ्‍य विभाग को दें और अगर आपको चिकनगुनिया के लक्षण महसूस हो रहे हों तो तुरन्‍त डॉक्‍टर से संपर्क करें।

Symptoms of Chikungunya - चिकनगुनिया के लक्षण

तेज बुखार
जोड़ों में तेज दर्द
रैशेज या चकत्ते पड़ जाना
मांसपेशियों में खिंचाव
चक्कर आना
उल्टी महसूस होना
तेज सिर दर्द
प्रकाश से भय लगना

Prevention of Chikungunya - चिकनगुनिया से बचाव

इस बीमारे बचने के लिए पूरे कप‍डे ही पहनें।
अपने घर के आस-पास मच्‍छरों को इकठ्ठा ना होने दें।
सोते समय मच्‍छर दानी का इस्‍तेमाल करें।
घर में रखे पानी को ढक कर रखें।
कूलर, गमले आदि का पानी रोज बदलते रहें।
आपके घर के आस-पास अगर पानी भरा हो तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन का तेल डाल दें।

Popular posts from this blog

हिंदी का महत्व (Importance of Hindi) - Hindi Ka Mahatva Nibandh in Hindi

हिंदी का महत्व निबंध ( Hindi Ka Mahatva Essay in Hindi) Here is an Essay of Importance of Hindi (Hindi Ka Mahatva per Nibandh) written with some easy lines in Hindi. हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा है, और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। भारत देश में अनेक राज्य हैं और उन सभी राज्यों की भी अपनी अलग-अलग भाषाएं हैं। इस प्रकार भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है लेकिन उसकी अपनी एक राष्ट्रभाषा है जो कि "हिन्दी" है। 14 सितंबर 1949 को हिन्दी भाषा भारत की राष्ट्रभाषा घोषित कि गयी। 26 जनवरी 1950 को भारत का अपना संविधान बना। हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। यह माना कि धीरे-धीरे हिन्दी अंग्रेजी का स्थान ले लेगी। हिन्दी और इसकी बोलियाँ उत्तर एवं मध्य भारत के विविध प्रांतों में बोली जाती हैं। भारत और विदेश में ६० करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। फ़िजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम की अधिकतर और नेपाल में कुछ लोग हिन्दी बोलती हैं। हिन्दी राष्ट्रभाषा, राजभाषा, सम्पर्क भाषा, जनभाषा के सोपानों को पार कर विश्व भाषा बनने की ओर अग्रसर है। भाषा...

Hindu Vivah ke Saat Vachan in Hindi and Sanskrit

There are seven promises of Hindu marriage made by Indian marriage couple (Girl & Boy) to each other. हिन्दू विवाह में सात फेरे और सात वचन होते हैं दूल्हा और दुल्हन विवाह के समय एक-दूसरे से सात वचन लेते हैं। Janiye Hindu vivah ke saat fere ke saat Vachan in Hindi and Sanskrit. हिन्दू विवाह के सात वचन : 1. तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्या: । वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी ।। कन्या वर से कहती है कि यदि आप कभी तीर्थ यात्रा में जाएँ, या कोई व्रत इत्यादि करें अथवा कोई भी धार्मिक कार्य करें तो मुझे अपने बाएँ भाग में जरुर स्थान दें। यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ। 2. पुज्यो यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या: । वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम ।। दूसरे वचन में कन्या वर से वचन मांगती है कि जिस प्रकार आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार मेरे माता-पिता का भी सम्मान करें और परिवार की मर्यादा के अनुसार, धार्मिक अनुष्ठान करते हुए भगवान के भक्त बने रहें,...

घोष और अघोष Ghosh and Aghosh Varn - Alphabets in Hindi

घोष और अघोष (Ghosh and Aghosh Varn - Alphabets) :-  ध्वनि की दृष्टि से जिन व्यंजन वर्णों के उच्चारण में स्वरतन्त्रियाँ झंकृत होती है , उन्हें ' घोष ' कहते है और जिनमें स्वरतन्त्रियाँ झंकृत नहीं होती उन्हें ' अघोष ' व्यंजन कहते हैं !  ये घोष - अघोष व्यंजन इस प्रकार हैं -  In Hindi, See below Ghosh and Aghosh Varn : घोष                                   अघोष ग , घ , ङ                           क , ख ज , झ , ञ                          च , छ ड , द , ण , ड़ , ढ़                  ट , ठ द , ध , न           ...