मेरा प्रिय मित्र (My Friend) Mera Priya Mitra Nibandh in Hindi

मेरा प्रिय मित्र निबंध
(Mera Priya Mitra Nibandh in Hindi - My Dearest Friend Essay)

Here is an Essay of My Dearest Friend (Mera Priya Mitra per Nibandh) written with some easy lines in Hindi and English.

सुरेश मेरा सबसे प्रिय मित्र है।
Suresh is my dearest friend.

उसका घर मेरे घर के पास ही है।
His house is near my house only.

मैं प्रतिदिन उसके घर जाता हूं और उसके साथ खेलता एवं पढ़ता हूं।
I go to his house daily and play with him & study.

उसके पिताजी पेशे ( profession) से अभियंता (engineer) हैं।
His father is an engineer by profession.

उनके और मेरे परिवार के बीच बहुत घनिष्ठ ( close) संबंध ( relation) हैं।
There are very close ties /relation between his family and my family.

मेरे और सुबोध के परिजन एक-दूसरे को जानते हैं।
The family members of Subodh and mine know each other.

हमारी मित्रता लगभग 8 वर्ष पुरानी है।
Our friendship is almost 8 years old.

हमारे विचार लगभग समान हैं।
Our thoughts are almost identical.

हमारी मित्रता में स्वार्थ की भावना दूर-दूर तक नहीं है।
There is no feeling of selfishness in our friendship at all.

हम दोनों एक ही कक्षा में अध्ययन करते हैं।
We both study in the same class .

सुबोध बहुत नम्र लड़का है।
Subodh is a very humble/modest boy.

उसका उत्साह और आत्मविश्वास गजब का है।
His enthusiasm and self-confidence is amazing.

उसकी वाणी से शालीनता और नम्रता साफ झलकती है।
The courtesy and gentleness is clearly evident from his speech.

मैंने उसे किसी के साथ भी अभद्र स्वर में बातें करते नहीं देखा।
I did not find him talking in a vulgar/rude tone with anyone.

खेल में हारकर भी वह उदास और दुखी नहीं होता ।
He doesn’t feel depressed and sad despite losing the game.

दूसरी तरफ मैं थोड़ी सी हार भी बर्दाश्त नहीं कर सकता ।
On the other hand, I can’t even bear a little defeat.

जरा-जरा सी बात में मुझे गुस्सा आ जाता है।
I even get annoyed on small matters.

उसे देखकर ही मेरी इस आदत में सुधार हुआ है।
Seeing him only, there has been an improvement in my this habit.

वह समय का बहुत पाबंद है।
He is very punctual.

उसी ने मुझे समय का महत्व समझाया है।
He has only explained me the importance of time.

सच्चे मित्र की परीक्षा विपत्ति में होती है।
The test of a true friend only happens in distress/adversity.

सुबोध हमेशा मेरे कुटुंब में होने वाले किसी भी कार्यक्रम में मेरा हाथ बंटाने के लिए तैयार रहता है।
Subodh is always ready to provide support ( sharing the work) in any function occuring in my family.

सच्चा मित्र ईश्वर का अमूल्य उपहार है।
The true friend is an invaluable gift of the God.

-by Suresh
मेरा प्रिय मित्र (My Friend) Mera Priya Mitra Nibandh in Hindi मेरा प्रिय मित्र (My Friend) Mera Priya Mitra Nibandh in Hindi Reviewed by Hardik Agarwal on 01:52 Rating: 5
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