Skip to main content

विश्व स्वास्थ्य संगठन - VISHWA SWASTHYA SANGATHAN in Hindi

विश्व स्वास्थ्य संगठन
(Vishwa Swasthya Sangathan in Hindi)

Here is an Essay of World Health Organization (Vishwa Swasthya Sangathan per Nibandh) written with some easy lines in Hindi and English meaning. Vishwa Swasthya Sangathan kya hai.


विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (World Health Organization) एक ऐसी संस्‍था है जो विश्‍व स्‍तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानक विकसित करने कार्य करती है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की स्‍थापना 7 अप्रैल, 1948 को हुई थी।

इसका मुख्‍यालय स्विटजरलैंड के जेनेवा शहर में है।

भारत भी विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन का एक सदस्‍य देश है जिसका मुख्‍यालय भारत की राजधानी दिल्‍ली (Delhi) में स्थित है।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के 194 सदस्‍य हैं।

विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने अब तक दस प्रमुख जानलेवा बीमारियों की पहचान की है।

जिनमें कैंसर, सेरिब्रोवैस्क्यूलर डिजीज, एक्यूट लोअर रेस्पायरेटरी इन्फेक्शन, पेरीनेटल कंडीशंस, टी.बी., कारोनरी हार्ट डिजीज, क्रॉनिक ऑबस्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, अतिसार, डेसेन्टरी तथा एड्स या एचआईवी शामिल हैं।

प्रत्‍येक वर्ष 7 अप्रैल के दिन को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

Popular posts from this blog

Hindu Vivah ke Saat Vachan in Hindi and Sanskrit

There are seven promises of Hindu marriage made by Indian marriage couple (Girl & Boy) to each other. हिन्दू विवाह में सात फेरे और सात वचन होते हैं दूल्हा और दुल्हन विवाह के समय एक-दूसरे से सात वचन लेते हैं। Janiye Hindu vivah ke saat fere ke saat Vachan in Hindi and Sanskrit. हिन्दू विवाह के सात वचन : 1. तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्या: । वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी ।। कन्या वर से कहती है कि यदि आप कभी तीर्थ यात्रा में जाएँ, या कोई व्रत इत्यादि करें अथवा कोई भी धार्मिक कार्य करें तो मुझे अपने बाएँ भाग में जरुर स्थान दें। यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ। 2. पुज्यो यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या: । वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम ।। दूसरे वचन में कन्या वर से वचन मांगती है कि जिस प्रकार आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार मेरे माता-पिता का भी सम्मान करें और परिवार की मर्यादा के अनुसार, धार्मिक अनुष्ठान करते हुए भगवान के भक्त बने रहें,...

हिंदी का महत्व (Importance of Hindi) - Hindi Ka Mahatva Nibandh in Hindi

हिंदी का महत्व निबंध ( Hindi Ka Mahatva Essay in Hindi) Here is an Essay of Importance of Hindi (Hindi Ka Mahatva per Nibandh) written with some easy lines in Hindi. हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा है, और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। भारत देश में अनेक राज्य हैं और उन सभी राज्यों की भी अपनी अलग-अलग भाषाएं हैं। इस प्रकार भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है लेकिन उसकी अपनी एक राष्ट्रभाषा है जो कि "हिन्दी" है। 14 सितंबर 1949 को हिन्दी भाषा भारत की राष्ट्रभाषा घोषित कि गयी। 26 जनवरी 1950 को भारत का अपना संविधान बना। हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। यह माना कि धीरे-धीरे हिन्दी अंग्रेजी का स्थान ले लेगी। हिन्दी और इसकी बोलियाँ उत्तर एवं मध्य भारत के विविध प्रांतों में बोली जाती हैं। भारत और विदेश में ६० करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। फ़िजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम की अधिकतर और नेपाल में कुछ लोग हिन्दी बोलती हैं। हिन्दी राष्ट्रभाषा, राजभाषा, सम्पर्क भाषा, जनभाषा के सोपानों को पार कर विश्व भाषा बनने की ओर अग्रसर है। भाषा...

घोष और अघोष Ghosh and Aghosh Varn - Alphabets in Hindi

घोष और अघोष (Ghosh and Aghosh Varn - Alphabets) :-  ध्वनि की दृष्टि से जिन व्यंजन वर्णों के उच्चारण में स्वरतन्त्रियाँ झंकृत होती है , उन्हें ' घोष ' कहते है और जिनमें स्वरतन्त्रियाँ झंकृत नहीं होती उन्हें ' अघोष ' व्यंजन कहते हैं !  ये घोष - अघोष व्यंजन इस प्रकार हैं -  In Hindi, See below Ghosh and Aghosh Varn : घोष                                   अघोष ग , घ , ङ                           क , ख ज , झ , ञ                          च , छ ड , द , ण , ड़ , ढ़                  ट , ठ द , ध , न           ...