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प्रथम विश्‍व युद्ध (First World War in Hindi) PRATHAM VISHWA YUDH Nibandh in Hindi

प्रथम विश्‍व युद्ध निबंध
(Pratham Vishwa Yudh Essay in Hindi)

Here is an Essay of First World War in Hindi (Pratham Vishwa Yudh per Nibandh) written with some easy lines in Hindi and English meaning.

प्रथम विश्‍व युद्ध ( First World War) यनि एक ऐसा महा विनाशकारी (disastrous) युद्ध जिसने पूरी दुनियां का नक्‍शा ही बदल दिया था यह महायुद्ध यूरोप (Europe), एशिया (Asia) व अफ्रीका (Africa) तीन महाद्वीपों और जल, थल तथा आकाश में लड़ा गया।

प्रथम विश्‍व युद्ध ( First World War) की शुरूआत 28 जुलाई 1914 ई० को हुई थी।
यह युद्ध चार वर्षों तक चला था।
इस युद्ध में 37 देशों ने भाग लिया था।
साम्राज्‍यवादी देशों की आपसी प्रतिस्‍पर्धाऍ और टकराव प्रथम विश्‍व युद्ध का मूल कारण था।
प्रथम विश्‍व युद्ध का तात्‍कालिक कारण ऑस्ट्रिया के राजकुमार (Prince of Austria) फर्डिनेंड की बोस्निया की राजधानी सेराजेवो में हत्‍या थी।
प्रथम विश्‍व युद्ध के लिए सबसे अधिक उत्‍तरदायी देश जर्मनी (Germany) था।
प्रथम विश्‍व युद्ध जर्मनी ने रूस के ऊपर 1 अगस्‍त 1914 को आक्रमण किया था।
प्रथम विश्‍व युद्ध जर्मनी ने फ्रांस के ऊपर 3 अगस्‍त 1914 को आक्रमण किया था।
इस युद्ध में इंग्‍लैण्‍ड 8 अगस्‍त 1914 को मित्र राष्‍ट्र की ओर से शामिल हुआ था।
जर्मनी के यू-बोट द्वारा इंग्‍लैण्‍ड के लूसीतानिया नामक जहाज को डुबाने के बाद प्रथम विश्‍व युद्ध में अमेरिका शामिल हुआ था।
क्‍योंकि उस जहाज पर मरने वालों में सबसे अधिक व्‍यक्ति अमेरिका के ही थे।
प्रथम विश्‍व युद्ध 11 नवम्‍बर 1918 को समाप्‍त हुआ था।
प्रथम विश्‍व युद्ध में एक करोड तीस लाख सैनिक हताहत हुऐ थे।
इस युद्ध के कारण हजारों व्‍यक्ति हत्‍याकाण्‍डों, बीमारियों (Diseases) तथा भूख के कारण मर गये थे।
इस युद्ध में खरबों की सम्‍पति नष्‍ट हो गई थी।
यह युद्ध बहुत ही भयंकर और खतरनाक था।
इस युद्ध में भारत ने भी हिस्‍सा लिया था।
भारत की गढ़वाल राईफल्स रेजिमेन के दो सिपाहियो को संयुक्त राज्य का उच्चतम पदक विक्टोरिया क्रॉस भी मिला था।
इस युद्ध कुल 8 लाख भारतीय सैनिक लड़े जिसमें कुल 47746 सैनिक मारे गये और 65000 जख्मी हुए थे।
प्रथम विश्‍व युद्ध में भारतीय नेताओं ने ब्रिटेन की आर्थिक और सैनिक सहायता की थी।

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