Skip to main content

मेरा विद्यालय (My School) Mera Vidhyaalay Nibandh in Hindi

मेरा विद्यालय निबंध
(Mera Vidhyaalay Nibandh in Hindi - My School Essay) :-

Here is an Essay of My School (Mera Vidhyaalay per Nibandh) written with some easy lines in Hindi and English.

मेरे विद्यालय का नाम सरस्वती विद्या मंदिर है।
The name of my school is Saraswati Vidhya Mandir.

मैं एक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन करती हूँ ।
I study in a Higher secondary school.

मेरा विद्यालय जिले में काफी प्रसिद्ध है।
My School is quite famous in the district.

नियमित पढ़ाई, खेलकूद एवं अन्य गतिविधियां हमारे स्कूल का प्रमुख हिस्सा हैं।
Regular education, sports and other activities are main parts of our school.

मेरे विद्यालय में तकरीबन 2000 विद्यार्थी हैं।
There are approximately 2000 students in my school.

इसमें 50 हवादार कमरे हैं।
There are 50 airy/ventilated rooms in my school.

पचास से भी अधिक शिक्षक एवं शिक्षिकाएं हैं।
There are more than fifty teachers ( M & f) .

इनके अतिरिक्त कई लिपिक , चपरासी, वाहन चालक एवं द्वारपाल भी यहां कार्यरत हैं।
Besides these, several clerks, peons, drivers & gatekeepers are employed here.

अध्यापकगण अनुभवी, विद्वान एवं परिश्रमी हैं।
The teaching staff is experienced, scholars and hard working.

हमारे प्राचार्य एक प्रतिभावान व्यक्ति हैं।

Our principal is a talented person.

विद्यालय में एक वाचनालय एवं कई प्रयोगशालाएं भी हैं |
A library and several laboratories are there in the school.

एक बड़ा सा खेल का मैदान है ।
There is a large play ground .

मेरे विद्यालय का परीक्षा परिणाम आमतौर पर शत-प्रतिशत रहता है |
The examination result of my school is usually one hundred percent.

निर्धन छात्रों को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति भी उपलब्ध कराई जाती है।
The scholarships are also made available to the poor students every year.

मेधावी छात्रों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाता है।
The meritorious students are awarded annually.

मुझे अपने इस विद्यालय पर बहुत फक्र है।
I am very proud of my this school.

- by Sanjay

Popular posts from this blog

Hindu Vivah ke Saat Vachan in Hindi and Sanskrit

There are seven promises of Hindu marriage made by Indian marriage couple (Girl & Boy) to each other. हिन्दू विवाह में सात फेरे और सात वचन होते हैं दूल्हा और दुल्हन विवाह के समय एक-दूसरे से सात वचन लेते हैं। Janiye Hindu vivah ke saat fere ke saat Vachan in Hindi and Sanskrit. हिन्दू विवाह के सात वचन : 1. तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञकर्म मया सहैव प्रियवयं कुर्या: । वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति वाक्यं प्रथमं कुमारी ।। कन्या वर से कहती है कि यदि आप कभी तीर्थ यात्रा में जाएँ, या कोई व्रत इत्यादि करें अथवा कोई भी धार्मिक कार्य करें तो मुझे अपने बाएँ भाग में जरुर स्थान दें। यदि आप ऐसा करने का वचन देते हैं तो मैं आपके वामांग में आना स्वीकार करती हूँ। 2. पुज्यो यथा स्वौ पितरौ ममापि तथेशभक्तो निजकर्म कुर्या: । वामांगमायामि तदा त्वदीयं ब्रवीति कन्या वचनं द्वितीयम ।। दूसरे वचन में कन्या वर से वचन मांगती है कि जिस प्रकार आप अपने माता-पिता का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार मेरे माता-पिता का भी सम्मान करें और परिवार की मर्यादा के अनुसार, धार्मिक अनुष्ठान करते हुए भगवान के भक्त बने रहें,...

हिंदी का महत्व (Importance of Hindi) - Hindi Ka Mahatva Nibandh in Hindi

हिंदी का महत्व निबंध ( Hindi Ka Mahatva Essay in Hindi) Here is an Essay of Importance of Hindi (Hindi Ka Mahatva per Nibandh) written with some easy lines in Hindi. हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा है, और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। भारत देश में अनेक राज्य हैं और उन सभी राज्यों की भी अपनी अलग-अलग भाषाएं हैं। इस प्रकार भारत एक बहुभाषी राष्ट्र है लेकिन उसकी अपनी एक राष्ट्रभाषा है जो कि "हिन्दी" है। 14 सितंबर 1949 को हिन्दी भाषा भारत की राष्ट्रभाषा घोषित कि गयी। 26 जनवरी 1950 को भारत का अपना संविधान बना। हिन्दी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। यह माना कि धीरे-धीरे हिन्दी अंग्रेजी का स्थान ले लेगी। हिन्दी और इसकी बोलियाँ उत्तर एवं मध्य भारत के विविध प्रांतों में बोली जाती हैं। भारत और विदेश में ६० करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते और लिखते हैं। फ़िजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम की अधिकतर और नेपाल में कुछ लोग हिन्दी बोलती हैं। हिन्दी राष्ट्रभाषा, राजभाषा, सम्पर्क भाषा, जनभाषा के सोपानों को पार कर विश्व भाषा बनने की ओर अग्रसर है। भाषा...

घोष और अघोष Ghosh and Aghosh Varn - Alphabets in Hindi

घोष और अघोष (Ghosh and Aghosh Varn - Alphabets) :-  ध्वनि की दृष्टि से जिन व्यंजन वर्णों के उच्चारण में स्वरतन्त्रियाँ झंकृत होती है , उन्हें ' घोष ' कहते है और जिनमें स्वरतन्त्रियाँ झंकृत नहीं होती उन्हें ' अघोष ' व्यंजन कहते हैं !  ये घोष - अघोष व्यंजन इस प्रकार हैं -  In Hindi, See below Ghosh and Aghosh Varn : घोष                                   अघोष ग , घ , ङ                           क , ख ज , झ , ञ                          च , छ ड , द , ण , ड़ , ढ़                  ट , ठ द , ध , न           ...